रामलीला मैदान में जुटेंगे दिग्गज विपक्षी नेता; मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा और 3 मुख्य मांगें
नई दिल्ली: दिल्ली के रामलीला मैदान में आज विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन एक बड़ी जनसभा के जरिए अपनी ताकत दिखाने जा रहा है। इस रैली का मुख्य मकसद वोटर लिस्ट में कथित गड़बड़ियों, वोटों की हेराफेरी और चुनाव आयोग के पक्षपातपूर्ण रवैये के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाना है।
इस मंच पर राहुल गांधी, ममता बनर्जी और अखिलेश यादव जैसे विपक्ष के कई बड़े चेहरे एक साथ आकर चुनावी पारदर्शिता के मुद्दे पर सरकार को घेरेंगे। विपक्षी ‘इंडिया’ ब्लॉक की मुख्य मांगों में मुख्य चुनाव आयुक्त का इस्तीफा, एसआईआर प्रक्रिया पर रोक लगाकर हटाए गए नाम बहाल करना और आगामी चुनाव बैलेट पेपर से कराना शामिल है।
रामलीला मैदान में अभूतपूर्व सुरक्षा
रैली और मार्च के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं, जिसके तहत 4,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों और सीएपीएफ (CAPF) की टुकड़ियों की तैनाती के साथ रामलीला मैदान को 14 जोन में बांटा गया है तथा निगरानी के लिए 200 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन और बॉडी-वॉर्न कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
इसके अलावा, आईटीओ, दिल्ली गेट, अजमेरी गेट और मिंटो रोड सहित कई प्रमुख मार्गों पर रविवार को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक यातायात प्रतिबंध और डायवर्जन लागू रहेंगे, हालांकि आपातकालीन वाहनों और नई दिल्ली रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।
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दिल्ली पुलिस ने साफ किया है कि विपक्षी दलों को सिर्फ रामलीला मैदान के अंदर ही रैली करने की मंजूरी मिली है। पुलिस के अनुसार, मिंटो रोड से कनॉट प्लेस तक किसी भी तरह का जुलूस या मार्च निकालने के लिए कोई अर्जी नहीं दी गई थी, इसलिए इसकी इजाजत नहीं है।
ऐसे में शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त रखने और सुरक्षा बनाए रखने के लिए पुलिस बल पूरी तरह मुस्तैद है और रैली के साथ-साथ रास्तों पर भी कड़ी नजर रख रहा है।
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