जमीन विवाद में राजपाल यादव के भाई घिरे, झोपड़ी फूंकने का आरोप
मुंबई: चेक बाउंस और कर्ज विवाद में घिरे बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव के परिवार की मुश्किलें अब और बढ़ गई हैं। उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में उनके भाइयों श्रीपाल, राजेश और सत्यपाल पर एक गरीब की झोपड़ी फूंकने और जमीन पर जबरन कब्जा करने की कोशिश का गंभीर आरोप लगा है।
रविवार रात करीब 10 बजे हुई इस घटना के दौरान जब एक पुलिस अधिकारी बीच-बचाव करने पहुंचे, तो कथित तौर पर उनके साथ भी मारपीट और बदसलूकी की गई। पीड़ित प्रदीप यादव ने बंडा थाने में तहरीर देकर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
बंडा कस्बा की घटना
पुलिस शिकायत के मुताबिक, पीड़ित प्रदीप जब दवा लेने बंडा कस्बा गए थे, तब खेत पर केवल उनके बच्चे थे। इसी बीच राजपाल यादव के भाई श्रीपाल, राजेश और सत्यपाल गाड़ी से वहाँ पहुंचे और लाठी-डंडों के बल पर बच्चों को डराते हुए झोपड़ी में आग लगा दी।
इस अगलगी में झोपड़ी के अंदर रखा अनाज, चारपाई, कपड़े और सारा घरेलू सामान जलकर राख हो गया। बच्चों के चिल्लाने पर जब आसपास के ग्रामीण मौके पर जुटे तब जाकर मामला शांत हुआ।
दूसरी ओर, राजपाल यादव के बड़े भाई श्रीपाल का कहना है कि जमीन का बैनामा उनके भाई राजेश के नाम पर है। ऐसे में अवैध कब्जे के आरोप निराधार हैं। उन्होंने यह भी दावा किया है कि झोपड़ी में आग प्रदीप ने खुद लगाई है।
17 साल पुराना जमीन विवाद
पीड़ित प्रदीप यादव और राजपाल यादव के भाइयों के बीच यह जमीन का झगड़ा करीब 17 साल पुराना है। दरअसल, अभिनेता के भाई राजेश यादव ने पीड़ित के परिवार से जमीन का एक टुकड़ा खरीदा था।
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लेकिन जमीन बेचने वाले भाइयों के बीच उस जमीन का अब तक आपस में बंटवारा नहीं हुआ था। आरोप है कि इसी पुरानी रंजिश के चलते और जमीन पर जबरन कब्जा करने के इरादे से राजपाल यादव के भाइयों ने इस वारदात को अंजाम दिया है।
गांव में चर्चा यह भी है कि पूरा विवाद करीब डेढ़ बीघा खेत को लेकर है। राजेश यादव ने इस जमीन का कुछ हिस्सा खरीदा था, लेकिन अब पूरे खेत पर कब्जा करने का दबाव बनाया जा रहा है। बीते कई महीनों से दोनों पक्षों में तनातनी चल रही थी।
पुलिस थान प्रभारी ब्रिभुषण सिंह ने कहा कि पुलिस मेल में जाँच क्र रही है। दोनों पक्षों से पूछताछ जारी है। सभी से पूछताछ हो रही है।
दोनों पक्षों की तरफ से चिठ्ठी मिली है पुलिस ने घटनास्थल का मुआवज़ा कर लिया गया है। अब सरकारी राजस्व टीम से जमीन की पैमाइश नाप-जोख कराई जाएगी। जिसके बाद ही साफ होगा कि खेत किसका है और आग किसने लगाई।
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