राम मंदिर चंदा चोरी: आरोपियों का केस लड़ने पर वकीलों पर ₹5 लाख जुर्माना, अयोध्या जाम की चेतावनी
राम मंदिर चंदा चोरी मामले पर अयोध्या के वकीलों का गुस्सा फूट गया है. चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव को अयोध्या छोड़ने के लिए तीन दिन का अल्टीमेटम दिया गया है. कहा गया है कि अगर वे ऐसा नहीं करते तो रामनगरी में किसी को भी नहीं आने दिया जाएगा
उत्तर प्रदेश: राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला धीरे-धीरे और गरमाता ही जा रहा है। सोमवार को अयोध्या बार एसोसिएशन की बैठक हुई, जिसमें सर्वसम्मति से फैसला लिया गया कि कोई भी वकील इस मामले के आरोपियों का केस नहीं लड़ेगा।
बैठक के बाद एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्रा ने स्पष्ट किया कि राम मंदिर चंदा चोरी मामले में कोई भी वकील आरोपियों का पक्ष नहीं रखेगा।
और अगर कोई इस फैसले के खिलाफ जाकर उनका केस लेता है, तो उस पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
इसके साथ ही नियम उल्लंघन करने वाले वकील की बार एसोसिएशन की सदस्यता भी रद्द कर दी जाएगी।
इस बैठक के दौरान वकीलों ने बेहद मुखर होकर अपना विरोध दर्ज कराया। वकीलों ने मांग की है कि चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव को तुरंत अयोध्या छोड़ना होगा।
उन्होंने प्रशासन और संबंधित लोगों को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि ये तीनों लोग 3 दिन के अंदर अयोध्या नहीं छोड़ते हैं।
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तो पूरी अयोध्या को पूरी तरह से जाम कर दिया जाएगा और किसी भी बाहरी व्यक्ति को अयोध्या में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।
राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच तेज हो गई है।
इस केस की तफ्तीश के सिलसिले में पुलिस ने ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय का बयान दर्ज कर लिया है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मामले की गहराई से जांच के लिए आने वाले दिनों में जरूरत पड़ने पर अनिल मिश्रा और ट्रस्ट के अन्य प्रमुख पदाधिकारियों के बयान भी दर्ज किए जा सकते हैं।
आपको बता दें कि हाल ही में चंपत राय ने राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया है, जिसके बाद पुलिस की इस कार्रवाई को काफी अहम माना जा रहा है।
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