जंतर-मंतर की घटना पर सागर सिंह तोमर ने उठाए महिला सुरक्षा और पुलिस जवाबदेही पर सवाल
अलीगढ़। जंतर मंतर पर प्रदर्शन के दौरान तीन महिला पत्रकारों द्वारा दिल्ली पुलिसकर्मियों पर कथित यौन उत्पीड़न और अभद्र व्यवहार के आरोप लगाए जाने के बाद कांग्रेस नेता और अनुसूचित जाति आयोग के पूर्व जिला कोऑर्डिनेटर सागर सिंह तोमर ने महिला सुरक्षा और पुलिस की जवाबदेही को लेकर सवाल उठाए हैं।
हालांकि दिल्ली पुलिस ने प्राप्त शिकायतों को निष्पक्ष जांच के लिए क्राइम ब्रांच को सौंप दिया है। इस बीच कांग्रेस नेता सागर सिंह तोमर ने कहा कि पुलिस का दायित्व नागरिकों विशेषकर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
दोषी पुलिसकर्मियों पर हो सख्त कार्रवाई
सागर सिंह तोमर ने कहा कि यदि किसी पुलिसकर्मी पर महिला पत्रकारों या प्रदर्शन में शामिल महिलाओं के साथ अभद्रता अथवा यौन उत्पीड़न के आरोप लगे हैं तो मामले की निष्पक्ष जांच कर दोष सिद्ध होने पर कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि जंतर मंतर पर प्रदर्शन के दौरान महिला पत्रकारों द्वारा लगाए गए आरोप बेहद गंभीर हैं। ऐसे मामलों में शिकायतकर्ताओं की बात सुनी जानी चाहिए और जांच में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए ताकि किसी भी महिला को अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाते समय असुरक्षित महसूस न हो।
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सागर सिंह तोमर की मांग
सागर सिंह तोमर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मामले का संज्ञान लेने तथा महिला सुरक्षा से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित कराने की मांग की।
उन्होंने कहा कि कानून सभी के लिए समान है और किसी भी संस्था या पद से ऊपर महिलाओं की गरिमा और नागरिक अधिकारों की सुरक्षा होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि पुलिस पर लगे आरोपों की जांच निष्पक्ष रूप से पूरी हो और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
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