दानपेटी से पैसा समेटने का वीडियो देख सुप्रीम कोर्ट सख्त
मथुरा: वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे की कथित हेराफेरी और धनराशि के गलत तरीके से निकाले जाने के आरोपों पर सुप्रीम कोर्ट ने आज मंगलवार को कड़ा रुख अपनाते हुए साफ निर्देश दिया है कि श्रद्धालुओं का एक-एक पैसा या तो मंदिर की दानपेटी में जाना चाहिए या ऑनलाइन सीधे मंदिर के बैंक खाते में जमा होना चाहिए। अदालत ने स्पष्ट किया कि चढ़ावे के पैसों में किसी भी तरह की हेराफेरी या गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
दानपेटी से पैसा समेटने का वीडियो सुप्रीम कोर्ट में पेश
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची तथा न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ के समक्ष मंदिर के कामकाज की निगरानी कर रही उच्चाधिकार प्राप्त समिति की स्थिति रिपोर्ट रखी गई। वरिष्ठ अधिवक्ता मनिंदर सिंह ने अदालत को बताया कि मामले में बेहद गंभीर स्थिति सामने आई है और तत्काल कदम उठाने की जरूरत है।
उन्होंने अदालत के सामने पैसे चोरी किए जाने का एक चौंकाने वाला वीडियो और तस्वीरें पेश की गईं।धिवक्ता मनिंदर सिंह ने बताया कि वीडियो में तीन लोग ‘गोलक’ यानी पारंपरिक दानपेटी के सामने खड़े दिखाई दे रहे हैं, जो श्रद्धालुओं से पैसे लेकर उन्हें अपनी पॉलीथिन की थैलियों में डाल रहे हैं।
इस दौरान वरिष्ठ वकील मनिंदर सिंह ने अदालत को बताया कि मंदिर परिसर में हालात बेहद गंभीर हैं और तुरंत कड़े कदम उठाने की जरूरत है।
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चढ़ावे पर सुप्रीम कोर्ट सख्त
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मंदिर का सारा चढ़ावा सीधे दानपेटी या ऑनलाइन तिजोरी में जाना चाहिए। अदालत ने चेतावनी दी कि यदि ‘सेवायत’ या किसी ने भी इसमें बाधा डाली, तो सख्त कार्रवाई होगी। साथ ही, प्रबंधन को मंदिर के खजाने में पूरी पारदर्शिता लाने का निर्देश दिया गया है।
बांके बिहारी मंदिर चढ़ावा विवाद
सुप्रीम कोर्ट यह सुनवाई वृंदावन के प्रसिद्ध ठाकुर श्री बांके बिहारी जी महाराज मंदिर की प्रबंधन समिति द्वारा दायर की गई याचिकाओं पर कर रहा है। अदालत के इन आदेशों का सीधा मकसद मंदिर के चढ़ावे और उसके हिसाब-किताब में पूरी पारदर्शिता (सच्चाई) लाना है।
इससे यह पक्का होगा कि श्रद्धालुओं द्वारा दान किया गया एक-एक पैसा सीधे मंदिर के सरकारी या आधिकारिक खाते में जमा हो और उसका पूरा रिकॉर्ड रखा जा सके।
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