यूपी में आसान नहीं तावड़े की राह, जेन-जी, भीतरघात और सरकार की छवि हैं चुनौती

यूपी में आसान नहीं तावड़े की राह, जेन-जी, भीतरघात और सरकार की छवि हैं चुनौती

नई दिल्ली: भाजपा के नए अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपनी नई टीम बनाई है, जिससे उत्तर प्रदेश की राजनीतिक में हलचल तेज हो गई है। भाजपा ने उत्तर प्रदेश में होने वाले अगले चुनावों की तैयारी और संगठनात्मक रणनीतियों को मजबूत करने के लिए विनोद तावड़े को राज्य का नया प्रभारी बनाया है।

विनोद तावड़े के सामने राज्य संगठन की चुनौतियां

दिल्ली से लखनऊ पहुंचने से पहले ही नए प्रभारी के सामने राज्य संगठन को मजबूत करने और अंदरूनी चुनौतियों से निपटने के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर ली गई है।

पार्टी का सबसे बड़ा डर चुनाव के समय होने वाले भीतरघात से जुड़ा है। इसे रोकने के लिए जिलाध्यक्ष, जिला संगठन मंत्री, महामंत्री और पिछले चुनावों में टिकट की दौड़ से चूके नेताओं समेत लगभग 300 प्रमुख नेताओं से व्यक्तिगत बातचीत की जाएगी।

तावड़े और सह-प्रभारी जगदीश ईश्वरभाई पटेल सीधे आलाकमान के प्रतिनिधि के रूप में फीडबैक लेंगे। इस संवाद का उद्देश्य टिकट वितरण की पुरानी नाराजगी, ब्लॉक से लेकर जिला स्तर के विवादों और सरकार-संगठन के आपसी तालमेल की जमीनी हकीकत का पता लगाना है।

आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए युवाओं और ‘जेन-जी’ पीढ़ी के मूड को टटोला जा रहा है। रोजगार के अवसरों, प्रतियोगी परीक्षाओं के माहौल और युवा वर्ग की नाराजगी के कारणों को आंतरिक आकलन का मुख्य हिस्सा बनाया गया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बहुत लोकप्रिय होने के बाद भी, भाजपा 2024 के लोकसभा चुनाव से सबक ले रही है। पार्टी अब विपक्ष की गतिविधियों के बजाय अपने संगठन को अंदर से मजबूत करने में जुट गई है। यह काम 2027 के चुनावों से पहले पार्टी के लिए एक बहुत बड़ी परीक्षा जैसा होगा।


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Mehak B