सख्त हुई सुरक्षा: CJP के ‘चलो संसद’ मार्च को रोकने बिछा अभेद्य घेरा
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के संसद मार्च को देखते हुए नई दिल्ली में सुरक्षा कड़ी कर धारा 163 लागू की गई
नई दिल्ली: NEET पेपर लीक मामले, प्रतियोगी परीक्षाओं की गड़बड़ियों और देश में बढ़ती बेरोजगारी को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन संसद के मानसून सत्र के पहले दिन और उग्र हो गया है।
CJP ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर ‘चलो संसद’ मार्च का आह्वान किया, जिसके समर्थन में देशभर से छात्र, अभ्यर्थी और अभिभावक जंतर-मंतर पर एकत्र हुए हैं।
इस प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस और खुफिया एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट पर हैं।
पूरे नई दिल्ली क्षेत्र को सुरक्षा के लिहाज से 15 जोन में बांटा गया है और सुरक्षा के लिए 5,000 से अधिक जवानों तथा CAPF की 25 से ज्यादा बटालियनों को तैनात किया गया है।
जंतर-मंतर, पार्लियामेंट स्ट्रीट, सेंट्रल विस्टा, कनॉट प्लेस और आसपास के वीवीआईपी इलाकों में थ्री-टियर सुरक्षा ग्रिड बनाया गया है।
नई दिल्ली में BNSS की धारा 163 लागू कर दी गई है और बिना अनुमति किसी भी जुलूस या प्रदर्शन पर पूरी तरह रोक है।
सुरक्षा के मद्देनजर राजीव चौक और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट समेत कुछ मेट्रो स्टेशनों के गेटों को अस्थायी रूप से नियंत्रित व बंद किया गया, जिन्हें बाद में फिर से खोल दिया गया।
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प्रदर्शन स्थल पर स्थिति उस वक्त तनावपूर्ण हो गई जब जंतर-मंतर पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज कर दिया, वहीं आम आदमी पार्टी के कई नेताओं को मौके पर पहुँचने से रोक दिया गया।
इस बीच CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास को डीसीपी दफ्तर ले जाया गया, जहाँ उन्होंने प्रशासन और सरकार के साथ बातचीत जारी होने की बात कही।
आंदोलन के समर्थन में अस्पताल में भर्ती सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का अनशन जारी है। सफदरजंग अस्पताल में डॉक्टरों की संयुक्त टीम उनके स्वास्थ्य पर नजर बनाए हुए है।
वांगचुक और उनकी पत्नी गीतांजलि अंगमो ने कहा कि यदि संसद के मानसून सत्र में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता उनसे मिलकर शिक्षा की जवाबदेही का मुद्दा उठाने का भरोसा देते हैं, तो वांगचुक अपनी भूख हड़ताल खत्म कर देंगे।
वहीं, वांगचुक को प्राइवेट अस्पताल में शिफ्ट न करने के फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच में दोपहर 2:30 बजे सुनवाई तय हुई है।
दूसरी ओर, मशहूर हस्तियों अरुंधति रॉय, नसीरुद्दीन शाह, रत्ना पाठक शाह और जयती घोष ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग का समर्थन करते हुए प्रदर्शनकारियों से अनशन समाप्त करने की अपील की।
दिग्गजों और जनप्रतिनिधियों की अपील पर जंतर-मंतर पर 23 दिनों से अनशन कर रहे AISA के तीन छात्रों ने अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी है।
CJP अध्यक्ष अभिजीत दिपके ने इसे लोकतंत्र को जिंदा रखने की लड़ाई बताते हुए शांतिपूर्ण मार्च जारी रखने का संकल्प दोहराया है।
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