CJP के संसद मार्च से पहले जंतर-मंतर पर बवाल, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर किया लाठीचार्ज

CJP के संसद मार्च से पहले जंतर-मंतर पर बवाल, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर किया लाठीचार्ज

मानसून सत्र के पहले दिन संसद में हंगामे और बाहर CJP के विरोध प्रदर्शन के बीच सोनम वांगचुक ने अनशन समाप्ति के लिए तीन शर्तें रखीं, वहीं दिल्ली हाईकोर्ट उनकी याचिका पर सुनवाई के लिए तैयार हो गया

 

नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के पहले दिन एक तरफ जहां सदन के भीतर गहमागहमी देखने को मिली, वहीं दिल्ली की सड़कों पर भारी विरोध प्रदर्शन और सुरक्षा कड़ाई का माहौल रहा। सत्र की शुरुआत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी सांसदों से शांत और संयमित रहकर कार्यवाही में सक्रिय भागीदारी की अपील करते हुए कहा कि ठोस तथ्यों और तर्कों के सामने व्यवधान की कोई जगह नहीं होनी चाहिए।

हालांकि, लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों के हंगामे के कारण इसे दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा, जबकि दोबारा कार्यवाही शुरू होने पर नारेबाजी के बीच प्रश्नकाल जारी रहा। वहीं, राज्यसभा में नवनिर्वाचित सांसदों को शपथ दिलाई गई।

सदन के बाहर, ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के शिक्षा सुधार और नीट पेपर लीक के विरोध में प्रस्तावित संसद मार्च के चलते राजधानी में भारी पुलिस बल और बैरिकेडिंग तैनात की गई है। जंतर-मंतर पर बिना अनुमति प्रदर्शन करने पहुंचे लोगों और पुलिस के बीच तनाव बन गया और हंगामे की खबरें सामने आईं।

सुरक्षा कारणों से दिल्ली मेट्रो के पांच स्टेशनों को बंद करने के आदेश से आम लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इस दौरान सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव ने आंदोलन का समर्थन करते हुए सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की, जबकि DSU/AISA के कार्यकर्ताओं द्वारा अनशन समाप्त करने की जानकारी भी सामने आई।

दूसरी ओर, सफदरजंग अस्पताल से सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया पर संदेश जारी कर तीन शर्तों के साथ अपना अनशन समाप्त करने की घोषणा की है। उन्होंने मांग रखी है कि सरकार शिक्षा व्यवस्था की नाकामियों की जिम्मेदारी ले या फिर विभिन्न दलों के सांसद उन्हें संसद में यह मुद्दा उठाने का आश्वासन दें।

इसी बीच, वांगचुक की पत्नी गीतांजलि अंगमो ने उन्हें सफदरजंग अस्पताल से किसी निजी अस्पताल में स्थानांतरित न करने के फैसले को चुनौती देते हुए दिल्ली हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच का दरवाजा खटखटाया है, जिस पर अदालत में सुनवाई तय की गई है।


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Sanjana Kumari

संजना कुमारी: रियल-टाइम खबरों पर मजबूत पकड़ रखने वाली डिजिटल कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार, जो सामाजिक-राजनीतिक, क्षेत्रीय और सांस्कृतिक घटनाक्रमों को डिजिटल दर्शकों के लिए सटीक व आकर्षक बनाती हैं