सोमवार को इस्लामाबाद में फिर शुरू हो सकती है अमेरिका-ईरान की शांति वार्ता
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नई दिल्ली(इंटरनेशनल डेस्क)। ईरान और अमेरिका के बीच सोमवार से पाकिस्तान की राजधानी इस्लमाबाद में एक बार फिर से शांति वार्ता शुरू हो सकती है। माना जा रहा है कि शांति वार्ता के लिए अमेरिका और ईरान के बीच सहमति बन गई है।
वहीं ईरान ने घोषणा की है कि लेबनान युद्धविराम समझौते के तहत यह रणनीतिक जलमार्ग अब वाणिज्यिक जहाजों के लिए पूरी तरह खुला है। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि ईरान पर अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी तब तक जारी रहेगी जब तक शांति समझौता 100% पूरा नहीं हो जाता।
इससे पहले ईरान के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे को झूठा करार दिया जिसमे उन्होने दावा किया कि ईरान अपने समृद्ध यूरेनियम का भंडार सौंपने के लिए तैयार हो गया है। ईरान की तरफ से कहा गया कि राष्ट्रपति ट्रंप का यह बयान सरासर झूठा है।
ईरान के संसद स्पीकर मोहम्मद बाघेर कालिबाफ ने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति ने एक घंटे में सात दावे किए, और सभी सात दावे झूठे थे. वे इन झूठों से युद्ध नहीं जीत पाए। उन्होंने कहा कि अगर नाकाबंदी जारी रहती है, तो होर्मुज खुला नहीं रहेगा। इतना ही नहीं मोहम्मद बाघेर कालिबाफ ने कहा कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य से आवाजाही निर्धारित मार्ग और ईरानी अनुमति के आधार पर होगी।
ईरान ने साफ कहा है कि वह सीजफायर बढ़ाने में दिलचस्पी नहीं रखता. वह बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन सिर्फ तभी जब सभी मुद्दों का एक साथ और स्थायी समाधान निकले।
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