अमेरिका-ईरान वार्ता: जेडी वेंस पहुंचे स्विट्जरलैंड, परमाणु डील और 6 अरब डॉलर पर टिकी नजरें
अमेरिका-ईरान कतर में जमे 6 अरब डॉलर जारी करने के बदले अमेरिका ने ईरान से परमाणु ठिकानों के यूएन निरीक्षण की मांग की है, हालांकि इजराइल और होर्मुज स्ट्रेट पर तनाव जारी है
अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता का पहला दौर स्विट्जरलैंड के बुर्गेनस्टॉक रिसॉर्ट में होने जा रहा है, जिसमें हिस्सा लेने के लिए अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पहुंच चुके हैं।
यह बातचीत पिछले हफ्ते हुए अमेरिका-ईरान अंतरिम शांति समझौते के तहत हो रही है, जिसमें दोनों देशों को 60 दिनों के भीतर स्थायी समाधान खोजने का समय दिया गया है। इस पहले दौर की वार्ता में अमेरिका चाहता है कि ईरान संयुक्त राष्ट्र (UN) के निरीक्षकों को अपने परमाणु ठिकानों का दौरा करने की अनुमति दे, जिनका आखिरी निरीक्षण जून 2025 में हुआ था।
इसके बदले में अमेरिका कतर में फंसी ईरान की 6 अरब डॉलर की जमी हुई रकम को जारी करने को तैयार है, जिसका इस्तेमाल खाद्य सामग्री, दवाओं और मानवीय जरूरतों के लिए किया जाएगा।
इस महत्वपूर्ण वार्ता में ईरान की ओर से विदेश मंत्री अब्बास अरागची, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ और केंद्रीय बैंक के गवर्नर अब्दोलनासेर हेम्मती शामिल हो रहे हैं, जबकि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर भी मध्यस्थ के रूप में वहां पहुंचे हैं।
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अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने उम्मीद जताई है कि इस बातचीत से ईरान के परमाणु कार्यक्रम और इजराइल-लेबनान संघर्ष जैसे मुद्दों पर आगे बढ़ने का रास्ता निकलेगा।
हालांकि, अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू घरेलू राजनीतिक दबाव के चलते हिजबुल्लाह के खिलाफ कार्रवाई जारी रख सकते हैं, जिससे इस शांति प्रक्रिया में रुकावट आ सकती है।
दूसरी तरफ, होर्मुज स्ट्रेट को लेकर भी तनाव की स्थिति बनी हुई है, जहां राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ किया है कि 60 दिनों की बातचीत के दौरान वहां से गुजरने वाले जहाजों पर कोई शुल्क नहीं लगेगा। लेकिन उन्होंने यह चेतावनी भी दी है कि यदि यह शांति समझौता विफल रहता है, तो भविष्य में अमेरिका जहाजों पर शुल्क लगा सकता है।
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