असली TMC कौन? ममता और ऋतब्रत गुट के दावों पर आज इलेक्शन कमीशन में अहम सुनवाई
पश्चिम बंगाल: TMC के नाम और पार्टी के चुनाव निशान पर अपना हक जताने के लिए ममता बनर्जी और ऋतब्रता बनर्जी के गुट अब आमने-सामने है, जिसे लेकर चुनाव आयोग में एक बहुत जरुरी सुनवाई होने वाली है।
गुरुवार को दिल्ली में चुनाव आयोग के बड़े अफसरों के सामने दोनों ही पक्ष अपनी-अपनी बातें और दस्तावेज़ पेश करेंगे। यह पूरी लड़ाई ऐसे वक्त में और तेज़ हो गई है जब 6 अक्टूबर को बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर सीटों पर विधानसभा उपचुनाव होने वाले है, और दोनों ही गुटों ने वहां से अपने-अपने प्रत्याशी भी उतार दिए है।
चुनाव आयोग में TMC विवाद पर सुनवाई और उपचुनाव का संकट
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, ऋतब्रत बनर्जी गुट को दोपहर 3 बजे और उसके एक घंटे बाद ममता बनर्जी गुट की पांच सदस्यीय टीम को आयोग के सामने अपना पक्ष रखना है। विवाद सिर्फ संगठन चलाने तक सीमित नहीं है, बल्कि पार्टी का नाम, चुनाव चिह्न और उस पर नियंत्रण की बड़ी लड़ाई है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि उपचुनावों के लिए TMC का आधिकारिक चुनाव चिह्न किस गुट को मिलेगा। यदि आयोग तुरंत फैसला नहीं करता है, तो चुनाव चिह्न को कुछ समय के लिए रोका जा सकता है और दोनों गुटों को अलग-अलग अस्थायी नाम व चिह्न दिए जा सकते हैं।
ममता बनर्जी गुट का दावा है कि पार्टी की संगठनात्मक समितियां टीएमसी के संविधान के मुताबिक अभी भी पूरी तरह वैध हैं और उन्होंने विरोधी पक्ष के दावों को खारिज किया है। वहीं, दूसरी ओर ऋतब्रत गुट ने निर्वाचित विधायकों के समर्थन का हवाला देते हुए संगठन पर अपना दावा मजबूत बताया है।
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ऋतब्रत गुट ने इस साल की शुरुआत में ही चुनाव आयोग का रुख किया था, और 2 जुलाई तथा 12 सितंबर को हुई पिछली सुनवाइयों के बाद अब 16 सितंबर को दस्तावेज सौंपने की समयसीमा खत्म होने पर यह नई उच्च-स्तरीय बैठक बुलाई गई है।
इस पूरी सियासी लड़ाई में नंदीग्राम सीट की अहमियत बहुत ज्यादा है, क्योंकि यही वह जगह है जहां से 2007 का जमीन अधिग्रहण आंदोलन शुरू हुआ था, जिसने TMC को बंगाल की सत्ता तक पहुंचाया था। वहीं, रेजीनगर सीट भी इस नए विवाद का पहला बड़ा चुनावी इम्तिहान बनने जा रही है।
गुरुवार को चुनाव आयोग का जो भी फैसला आएगा, वह न केवल इन दोनों सीटों के उपचुनावों की किस्मत तय करेगा, बल्कि यह भी साफ कर देगा कि असली TMC का नाम और उसका चुनाव निशान आखिरकार किसके हाथ में रहेगा।
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