झारखंड के सिमडेगा में भीषण सड़क हादसा, एक ही परिवार के 5 लोगों की मौत
झारखंड के सिमडेगा में एक अनियंत्रित स्कॉर्पियो के पेड़ से टकराने से लोहरदगा के एक ही परिवार के पांच लोगों (बुजुर्ग दंपति और तीन बच्चों) की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए
सिमडेगा: झारखंड के सिमडेगा जिले में कोलेबिरा थाना क्षेत्र के अघरमा के पास एक बेहद दर्दनाक और भीषण सड़क हादसा सामने आया है, जिसमें एक ही परिवार के पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों में एक बुजुर्ग दंपति और तीन मासूम बच्चे शामिल हैं।
इस हृदयविदारक घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। हादसे में परिवार के चार अन्य सदस्य गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें शुरुआती इलाज के बाद बेहतर उपचार के लिए रांची के रिम्स अस्पताल रेफर कर दिया गया है।
मिली जानकारी के मुताबिक, लोहरदगा के रहने वाले 58 वर्षीय गुलाम मुस्तफा अपनी पत्नी 55 वर्षीया गुलशन परवीन, बेटियों हिना परवीन व नेहा परवीन और उनके बच्चों के साथ स्कॉर्पियो से लसिया गांव जा रहे थे। लसिया गांव में उनकी एक बेटी का ससुराल है, जहां उनके दामाद चप्पल-जूते का कारोबार करते हैं।
सफर के दौरान अघरमा के पास उनकी स्कॉर्पियो अचानक अनियंत्रित हो गई और तेज रफ्तार में सड़क किनारे एक पेड़ से जा टकराई।
टक्कर इतनी जोरदार थी कि गाड़ी के परखच्चे उड़ गए और मौके पर ही गुलाम मुस्तफा, उनकी पत्नी और तीन मासूम बच्चों की सांसें थम गईं। वहीं हादसे में हिना, नेहा, एक बच्चा उमर नवाज और चालक अकरम खलीफा गंभीर रूप से घायल हो गए।
इस भयानक हादसे की खबर मिलते ही सदर अस्पताल में लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। घटना पर गहरा दुख जताते हुए कोलेबिरा विधायक नमन विक्सल कोनगाड़ी और सिमडेगा विधायक भूषण बाड़ा सहित कई जनप्रतिनिधियों ने शोक व्यक्त किया है।
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इसके साथ ही मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने भी अस्पताल पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की, उन्हें ढांढस बंधाया और इस मुश्किल घड़ी में हरसंभव सहयोग करने का भरोसा देते हुए कहा कि पूरा समाज उनके साथ खड़ा है।
प्रशासनिक स्तर पर भी मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कदम उठाए गए। उपायुक्त के निर्देश पर गुरुवार रात को ही सभी पांचों मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम कराया गया।
अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) सुमंत तिर्की खुद व्यवस्थाओं का जायजा लेने सदर अस्पताल पहुंचे और संबंधित अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
इसके अलावा, पूरी प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने और आपसी समन्वय बनाए रखने के लिए सदर अंचलाधिकारी इम्तियाज अहमद को दंडाधिकारी के रूप में तैनात किया गया।
जिला प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम के बाद शवों को सम्मानपूर्वक परिजनों को सौंप दिया गया है ताकि अंतिम संस्कार समय पर किया जा सके, साथ ही पीड़ित परिवार को हरसंभव सरकारी सहायता देने की पहल की जा रही है।
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