दिल्ली वोटर लिस्ट अपडेट: 29 अक्टूबर तक वेरिफिकेशन, 4 नवंबर को फाइनल सूची
नई दिल्ली: दिल्ली में वोटिंग लिस्ट सुधारने का काम तेजी से चल रहा है, और लोग नाम जुड़वाने, हटाने और पता बदलने के लिए लगातार आवेदन कर रहे है, आंकड़ों के मुताबिक, 1 सितंबर तक नए नाम जोड़ने के लिए करीब 2.18 लाख फॉर्म आ चुके है।
इसके अलावा, नाम कटवाने के लिए 51 हजार से ज्यादा और अपना पता बदलवाने के लिए 2.63 लाख से अधिक आवेदन मिले है। अपने वोटर कार्ड में किसी भी तरह का सुधार कराने का यह मौका नागरिकों के पास 30 सितंबर तक खुला है।
मतदाता सूची से नाम हटाए जाने और नोटिस की प्रक्रिया
जिलावार आंकड़ों के अनुसार, नाम जोड़ने के लिए सबसे ज्यादा 29,510 फॉर्म पश्चिमी दिल्ली से आए, इसके बाद दक्षिण-पूर्वी दिल्ली से 25,446, उत्तर-पूर्वी दिल्ली से 25,010, उत्तर-पश्चिमी दिल्ली से 22,189 और दक्षिण-पश्चिमी दिल्ली से 20,191 फॉर्म-6 जमा हुए।
वहीं, नाम हटाने की सबसे ज्यादा 14,663 आपत्तियां दक्षिण-पूर्वी दिल्ली से आईं, जबकि शुरुआती दो दिनों में कुल 51,522 फॉर्म-7 जमा हुए और पता बदलने के लिए सबसे ज्यादा 33,083 फॉर्म पूर्वी दिल्ली से आए।
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दिल्ली के सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों की मसौदा मतदाता सूची से कुल 47.50 लाख नाम हटाए गए हैं। शहर में कुल मतदाता लगभग 1.45 करोड़ हैं, जिनमें से 43 लाख से ज्यादा नाम अनुपस्थित या स्थानांतरित श्रेणी में रखे गए हैं, जबकि बाकी नाम मृत, दोहरी एंट्री या अन्य कारणों से हटाए गए हैं।
जिन मतदाताओं के नाम सूची में हैं लेकिन उनके विवरण में गड़बड़ी है या पुराने रिकॉर्ड से मेल नहीं खाते, उन्हें नोटिस भेजे जा रहे हैं और लगभग 33 लाख से ज्यादा मतदाताओं को नोटिस मिलने की संभावना है।
वोटर लिस्ट की जांच का यह काम 29 अक्टूबर तक पूरा किया जाएगा, इसके ठीक बाद 4 नवंबर को फाइनल वोटर लिस्ट जारी होगी और चुनाव अधिकारियों ने साफ किया है कि जिन लोगों की जानकारी 2002 की दिल्ली SIR से मैच नहीं होगी या फॉर्म में कोई गलती मिलेगी, उन्हें नोटिस भेजा जाएगा। इसलिए लोगों से अपील है कि वे समय पर अपने कागज जमा करें और नोटिस मिलने पर तुरंत सही दस्तावेजों के साथ वेरिफिकेशन जरूर कराएं ताकि उनका वोट सुरक्षित रहे।
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