जज को धमकी पर हाईकोर्ट सख्त: मॉब लिंचिंग के 14 दोषियों को सुनाई थी सजा

जज को धमकी पर हाईकोर्ट सख्त: मॉब लिंचिंग के 14 दोषियों को सुनाई थी सजा

गौ तस्करी और मॉब लिंचिंग मामले में 14 आरोपियों को उम्रकैद सुनाने वाली महिला जज को सोशल मीडिया पर मिली धमकियों को हाईकोर्ट ने बेहद गंभीरता से लिया है

 

मध्य प्रदेश: गौ तस्करी और मॉब लिंचिंग के बहुचर्चित मामले में 14 आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाने वाली महिला न्यायाधीश को इंटरनेट मीडिया पर मिली धमकियों को हाईकोर्ट ने बेहद गंभीरता से लिया है।

मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की युगलपीठ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस तरह की अवांछित गतिविधियां सीधे तौर पर न्यायिक स्वतंत्रता पर हमला हैं और न्यायिक अधिकारियों के निडर होकर काम करने के रास्ते में बाधा खड़ी करती हैं।

अदालत ने नर्मदापुरम जिले में न्यायिक अधिकारी के लिए बनाए गए इस भय के माहौल पर गहरी नाराजगी जताई है।

जजों की सुरक्षा से जुड़ी एक स्वतः संज्ञान याचिका पर सुनवाई के दौरान युगलपीठ को सूचित किया गया कि सिवनी मालवा में पदस्थ अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश तबस्सुम खान को धमकियां मिलने के बाद नर्मदापुरम की पुलिस अधीक्षक ने उन्हें सुरक्षा मुहैया करा दी है।

इस पर कोर्ट ने पुलिस प्रशासन से सवाल किया कि सुरक्षा देना ही काफी नहीं है, बल्कि उन उपद्रवियों और तत्वों के खिलाफ क्या दंडात्मक कार्रवाई की गई है जिन्होंने सोशल मीडिया पर न्यायाधीश को धमकाने का माहौल तैयार किया।

न्यायालय ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) और अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह विभाग) को तीन दिनों के भीतर व्यक्तिगत हलफनामा पेश करने के निर्देश दिए हैं।

इस हलफनामे में पुलिस और गृह विभाग को यह बताना होगा कि अशांति और भय फैलाने वाले आरोपियों के खिलाफ अब तक क्या कदम उठाए गए हैं। हाईकोर्ट की युगलपीठ ने इस गंभीर मामले की अगली सुनवाई के लिए नौ जुलाई की तारीख तय की है।


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Muskan Asif

मुस्कान आसिफ़ (ZH7TV) एक अनुभवी और रचनात्मक कंटेंट, डायनेमिक डिजिटल एडिटोरियल प्रोफेशनल पत्रकार हैं। जो बड़ी और असरदार खबरों का सटीक विश्लेषण करने में माहिर हैं। वे अपने नेटवर्क की पहुँच बढ़ाने के लिए बेहद आकर्षक वीडियो, टेक्स्ट और इंटरैक्टिव डिजिटल कंटेंट तैयार करती हैं।