खान सर रौशन आनंद विवाद: चिराग पासवान बोले निष्पक्ष जांच से सामने आए सच
बिहार में खान सर और रौशन आनंद के बीच जारी विवाद और प्रिंस यादव की नेपाल में हुई मौत पर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा है कि शिक्षा के साथ ‘माफिया’ शब्द नहीं जुड़ना चाहिए और सरकार हर हाल में न्याय सुनिश्चित करेगी
पटना: प्रसिद्ध शिक्षक खान सर (फैजल खान) और रौशन आनंद सर के बीच का विवाद अब बेहद गहरा गया है।
जमानत पर बाहर आते ही रौशन आनंद ने खान सर पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि उनके भाई प्रिंस यादव की नेपाल में हुई मौत कोई सामान्य घटना नहीं बल्कि खान सर द्वारा रची गई एक साजिश के तहत की गई हत्या थी।
इस गंभीर आरोप पर खान सर की तरफ से अभी तक कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, उन्होंने सिर्फ इतना कहा है कि प्रिंस यादव की मौत का उन्हें भी गहरा दुख है।
इसी बीच, इस हाई-प्रोफाइल मामले में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने एक बड़ा बयान दिया है। चिराग पासवान ने कहा कि उन्हें प्रिंस यादव की नेपाल में हुई मौत के असली कारणों की जानकारी नहीं है लेकिन इस पूरे घटनाचक्र की गहन जांच होनी चाहिए ताकि पूरा सच सबके सामने आ सके और दोषी की पहचान हो सके।
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इस विवाद के दौरान जब कुछ पत्रकारों ने कोचिंग संस्थानों के लिए ‘कोचिंग माफिया’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया तो चिराग पासवान ने उन्हें बीच में ही टोक दिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि वह शिक्षा जैसे पवित्र क्षेत्र के साथ ‘माफिया’ जैसे शब्द को बिल्कुल नहीं जोड़ना चाहेंगे।
हालांकि उन्होंने यह जरूर स्वीकार किया कि कहीं न कहीं कुछ गड़बड़ियां जरूर हुई हैं जिसके कारण आज स्थिति इतनी असहज हो गई है। चिराग पासवान ने इस बात पर जोर दिया कि यह मामला सीधे तौर पर बच्चों के भविष्य से जुड़ा हुआ है, इसलिए पूरी निष्पक्षता के साथ जांच होकर इसका उचित समाधान निकलना बेहद जरूरी है।
प्रिंस यादव की नेपाल में हुई रहस्यमयी मौत के मुद्दे पर दोबारा बात करते हुए केंद्रीय मंत्री ने सरकार का रुख साफ किया। उन्होंने कहा कि मौत की वजह चाहे जो भी रही हो हमारी सरकार तमाम बिंदुओं को ध्यान में रखकर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करेगी।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच इस तरह से की जाएगी ताकि किसी भी निर्दोष के साथ कोई अन्याय न हो और पूरा सच पारदर्शी तरीके से सामने आ सके। फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर शिक्षा जगत से लेकर राजनीतिक गलियारों तक में सरगर्मियां तेज हैं और सभी को जांच के अगले कदमों का इंतजार है।
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