गृह मंत्रालय ने जारी की लिस्ट: 9 राज्यों के 38 जिलों में यथावत रहेंगे विशेष प्रावधान

गृह मंत्रालय ने जारी की लिस्ट: 9 राज्यों के 38 जिलों में यथावत रहेंगे विशेष प्रावधान

SIR योजना जे तहत देश में वामपंथ उग्रवाद की मौजूदा स्थिति की गहराई से पड़ताल की है जिसके तहत नो राज्यों के 38 जिलों को विरासत एवं प्रबल स्तर में रखा गया है

नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सुरक्षा-संबंधी व्यय (एसआरई) योजना के तहत देश में वामपंथ उग्रवाद की मौजूदा स्थिति की विस्तृत समीक्षा की है, जिसके बाद नौ राज्यों के 38 जिलों को ‘विरासत एवं प्रबल’ (‘लीगेसी एंड थ्रस्ट’) श्रेणी में रखा गया है। इन जिलों में सुरक्षा उपायों के साथ-साथ विकास कार्यों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा ताकि इस समस्या को दोबारा पनपने से रोका जा सके।

देश को मिली वामपंथ उग्रवाद से बड़ी रहत

गृह मंत्रालय द्वारा 2015 से लागू ‘राष्ट्रीय नीति एवं कार्य योजना’ के सफल क्रियान्वयन के परिणामस्वरूप देश अब इस समस्या से लगभग मुक्त हो चुका है। मार्च-अप्रैल में हुई व्यापक समीक्षा के दौरान हिंसा की तीव्रता, कैडरों की उपस्थिति और अन्य प्रमुख मानकों का मूल्यांकन किया गया, जिसके बाद कोई भी जिला सक्रिय रूप से प्रभावित नहीं पाया गया। हालांकि, विकास से वंचित कुछ क्षेत्रों में सुरक्षा एवं विकासात्मक उपायों को बनाए रखना आवश्यक माना गया है।

हाल ही में झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले को ‘चिंताजनक जिला’ श्रेणी से बाहर कर ‘विरासत एवं प्रबल’ श्रेणी में शामिल कर लिया गया है। इसके साथ ही देश में एलडब्लूई प्रभावित या ‘चिंताजनक’ श्रेणी में कोई भी जिला शेष नहीं बचा है, और ‘विरासत एवं प्रबल’ श्रेणी वाले कुल जिलों की संख्या बढ़कर 38 हो गई है। इनमें छत्तीसगढ़ के 13, ओडिशा के 9, बिहार और झारखंड के 4-4, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और तेलंगाना के 2-2, तथा पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश का 1-1 जिला शामिल है।


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Sanjana Kumari

संजना कुमारी: रियल-टाइम खबरों पर मजबूत पकड़ रखने वाली डिजिटल कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार, जो सामाजिक-राजनीतिक, क्षेत्रीय और सांस्कृतिक घटनाक्रमों को डिजिटल दर्शकों के लिए सटीक व आकर्षक बनाती हैं