वोटर लिस्ट विवाद पर विपक्षी एकजुटता: ज्ञानेश कुमार को घेरने दिल्ली जुटे दिग्गज

वोटर लिस्ट विवाद पर विपक्षी एकजुटता: ज्ञानेश कुमार को घेरने दिल्ली जुटे दिग्गज

नई दिल्ली: आज विपक्षी दलों के ‘इंडिया’ गठबंधन के बड़े नेताओं का एक महत्वपूर्ण जमावड़ा होने जा रहा है। इस बैठक का मुख्य मकसद चुनाव आयोग की वोटर लिस्ट जांच प्रक्रिया और आयोग के भीतर अधिकारियों के बीच चल रही अंदरूनी खींचतान पर साझा रणनीति तैयार करना है।

साथ ही, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष आगे क्या कदम उठाएगा, इस पर भी गंभीर मंथन होगा। इस चर्चा का हिस्सा बनने के लिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पहले ही दिल्ली पहुंच चुकी हैं।

विपक्षी एकजुटता के लिहाज देखा जाए तो पिछले तीन वर्षी में ‘इंडिया’ ब्लॉक की यह कुल मिलाकर 8वीं बैठक है, जबकि इस साल में नेता दूसरी बार एक साथ बैठ रहे हैं।

इससे पहले भी 8 जून को हुई बैठक में इसी चुनावी मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की गई थी, और आज की बैठक से सरकार व् चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष के अगले बड़े कदम की तस्वीर साफ होगी।

अखिलेश यादव आज की बैठक में नहीं होंगे शामिल

आज होने वाली बैठक में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव व्यक्तिगत रूप से शामिल नहीं हो पाएंगे, क्योंकि वह लखनऊ में किसानों के सम्मेलन में व्यस्त रहेंगे, हालांकि पार्टी की ओर से कोई अन्य वरिष्ठ नेता इसमें हिस्सा लेगा।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के अलावा आरजेडी नेता तेजस्वी यादव, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और सीपीएम महासचिव एमए बेबी के इस बैठक में शामिल होने की पुष्टि हुई है।

वहीं, शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ऑनलाइन माध्यम से इस बैठक में जुड़ेंगे, जबकि एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार के शामिल होने पर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।

विपक्षी दलों के ‘इंडिया’ गठबंधन की इस महत्वपूर्ण बैठक का सबसे बड़ा मकसद वोटर लिस्ट की जांच के बहाने चुनाव आयोग के अंदरूनी विवादों पर घेराबंदी करना है।

विपक्षी नेता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर एक साझा और मजबूत रणनीति बनाने में जुटे हैं।

अंदरूनी सूत्रों और मीडिया खबरों के अनुसार, विपक्ष ज्ञानेश कुमार के खिलाफ संसद के भीतर प्रस्ताव लेन और सड़क पर एक बड़ा देशव्यापी आंदोलन शुरू करने की तैयारी कर रहा है।

यह विवाद नया नहीं है, इससे पहले 28 जून को भी विपक्षी दलों ने इस चुनावी गड़बड़ी के मुद्दे पर भारत के मुख्य न्यायाधीश को एक साझा चिट्ठी भेजी थी।

उस विरोध पत्र पर कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के अलावा आम आदमी पार्टी और DMK जैसी बड़ी पार्टियों ने भी अपने दस्तखत किए थे, जो यह दिखाता है कि इस मुद्दे पर पूरा विपक्ष एक सुर में सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ खड़ा है।


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Mehak B