पीएम की अपील को प्रकाश राज ने बताया, “नाकामियां छिपाने के लिए आम जनता से त्याग करने की उम्मीद”
नई दिल्ली। हैदराबाद में एक जनसभा को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से की गई सात बड़ी अपीलों ने देश में एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है।
प्रधानमंत्री ने नागरिकों से एक साल तक सोना न खरीदने, पेट्रोल-डीजल और खाद के उपयोग में कटौती करने तथा कंपनियों से ‘वर्क फ्रॉम होम’ कल्चर को दोबारा अपनाने का आग्रह किया है। सरकार की इन अपीलों पर विपक्ष और नागरिक समाज की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं, जिसमें अभिनेता प्रकाश राज और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान सबसे प्रमुख हैं।
दिग्गज अभिनेता प्रकाश राज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर प्रधानमंत्री पर कड़ा प्रहार करते हुए केंद्र सरकार को ‘पूरी तरह नाकाम’ करार दिया है। उन्होंने एक यूजर के पोस्ट को साझा किया जिसमें पीएम की रैली और उनकी सादगी की अपील के बीच के अंतर्विरोध पर तंज कसा गया था।
प्रकाश राज ने अपनी पोस्ट में नोटबंदी, जीएसटी (गब्बर सिंह टैक्स), और 15 लाख रुपये जैसे पुराने चुनावी वादों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था को तहस-नहस कर दिया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिस सरकार ने किसानों को एमएसपी के नाम पर ठगा और अपने अमीर मित्रों के टैक्स माफ किए, वह अब अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए आम जनता से त्याग करने की उम्मीद कर रही है।
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वहीं दूसरी ओर, कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी प्रधानमंत्री को ‘कंप्रोमाइज्ड पीएम’ बताते हुए निशाना साधा है।
राहुल गांधी का कहना है कि देश चलाना अब नरेंद्र मोदी के वश की बात नहीं रह गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपनी हर प्रशासनिक और आर्थिक विफलता की जिम्मेदारी जनता के कंधों पर डाल देती है। यह विवाद ऐसे समय में गहराया है जब प्रकाश राज पहले भी भाजपा को ‘वॉशिंग मशीन’ पार्टी कहकर संबोधित कर चुके हैं। कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री की इन ताजा अपीलों ने देश की आर्थिक स्थिति और सरकार की कार्यप्रणाली पर एक नई राष्ट्रीय बहस छेड़ दी है।
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