अभिषेक बनर्जी के घर के बाहर हिंसक झड़प, हमले के आरोपों को विपक्ष ने नकारा
नई दिल्ली: कोलकाता में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के घर के बाहर शुक्रवार देर रात उनके जन्मदिन कार्यक्रम के दौरान टीएमसी और भाजपा कार्यकर्ताओं में हिंसक झड़प हो गई।
बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा समर्थकों ने उनके लोगों पर पत्थरों से हमला किया, जिसे उन्होंने पिछले छह महीनों में अपनी जान लेने की सातवीं कोशिश बताया। दूसरी तरफ, भाजपा ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे महज एक नाटक करार दिया है।
किसी को चोर बताने के नारों से शुरू हुए विवाद के बाद मामला हाथापाई तक पहुंच गया। अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि भाजपा समर्थकों ने उनके कार्यकर्ताओं को जमीन पर गिराकर ईंटों से पीटा और बैनर-पोस्टर भी फाड़ दिए।
हमले का दावा और भाजपा का पलटवार
उन्होंने यह भी दावा किया कि हमलावर रिवॉल्वर लेकर आए थे और सत्तारूढ़ दल के कार्यकर्ताओं ने पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट भी की। इस घटना में उनके एक साथी के अंगूठे का हिस्सा कुचल गया, जिसे प्लास्टिक सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है, जबकि एक अन्य कार्यकर्ता की आंख के नीचे की हड्डी में फ्रैक्चर हुआ है।
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टीएमसी सांसद ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपना गुस्सा जाहिर करते हुए दावा किया कि पिछले छह महीनों में यह उनकी जान लेने की सातवीं कोशिश थी और उन्होंने पुलिस, न्यायिक तंत्र तथा अदालतों पर भी कार्रवाई न करने का आरोप लगाया।
वहीं दूसरी ओर, भाजपा ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इस पूरी घटना को एक ड्रामा करार दिया है। भाजपा नेता दिलीप घोष ने कहा कि रात में हंगामा होने पर विरोध स्वाभाविक है और अभिषेक बनर्जी अपनी घटती राजनीतिक प्रासंगिकता के बीच लोगों को गुमराह करने के लिए ऐसे भावनात्मक बयान दे रहे हैं।
सांसद बनर्जी ने उनके घर और दफ्तर की कथित जासूसी पर कड़ा विरोध जताते हुए तुरंत जांच की मांग की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर सवाल उठाया कि राज्य पुलिस एक चुने हुए जनप्रतिनिधि की निगरानी किसके आदेश पर कर रही है। उन्होंने इस गंभीर मामले को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय गृह मंत्रालय और पुलिस प्रशासन के सामने उठाने की बात कही है।
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