10 हजार करोड़ की टैक्स चोरी का चाणक्य कौन, फर्जी पार्टियों के मुद्दे पर मोदी सरकार पर भड़की कांग्रेस
नई दिल्ली: कांग्रेस ने मोदी सरकार पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि बिना मान्यता वाले फर्जी राजनीतिक दलों के जरिए करीब 10 हजार करोड़ रुपये की टैक्स चोरी का एक बड़ा घोटाला हुआ है। पार्टी ने इस पुरे मामले की सच सामने लाने के लिए संयुक्त संसदीय समिति (JPC) से जांच कराने की बड़ी मांग की है हालांकि इस गंभीर आरोप पर अभी तक केंद्र सरकार या बीजेपी के तरफ से कोई आधिकारिक जवाब या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने करीब 3,260 नकली राजनीतिक दलों का हवाला देते हुए सरकार से पूछा है की इस बड़े खेल के पीछे असली दिमाग किसका है। प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि विदेशो से काला धन लाने और हर नागरिक के खाते में 15 लाख रूपये भेजने का चुनावी वादा तो पूरा नहीं हुआ लेकिन अब खुद सत्ताधारी दल की छत्रछाया में देश के अंदर ही दो नंबर के पैसे को सफ़ेद करने का एक बड़ा गोरखधंधा चलाया जा रहा है।
फर्जी राजनीतिक दलों और कर चोरी पर कांग्रेस के गंभीर आरोप
कांग्रेस नेताओं जयराम रमेश और शक्तिसिंह गोहिल ने एक संवाददाता सम्मेलन में केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि देश में 3,260 पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों का इस्तेमाल आयकर से बचने के लिए किया जा रहा है, जिन्होंने कथित तौर पर लगभग 10,000 करोड़ रुपये का चंदा इकट्ठा किया है और आयकर अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत अपने कर को शून्य कर लिया है।
नेताओं ने दावा किया कि 2025 में एक एनजीओ की रिपोर्ट आने के बावजूद सरकार और ‘ऊपर’ से मिले संरक्षण के कारण इन फर्जी दलों, कर चोरी में शामिल चार्टर्ड अकाउंटेंटों और दोषी कंपनियों के खिलाफ कोई आपराधिक कार्रवाई या 200 प्रतिशत जुर्माना नहीं लगाया गया है, जबकि इसके विपरीत 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस के बैंक खाते फ्रीज़ कर दिए गए थे।
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कर चोरी के मामले में कांग्रेस का आक्रामक रुख
गोहिल ने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया से भारत के प्रधान न्यायाधीश को हटाकर केंद्रीय मंत्री को शामिल कर लिया है, जिससे निष्पक्षता प्रभावित हो रही है।
अंत में कांग्रेस ने इस पूरे कथित कर चोरी घोटाले की संयुक्त संसदीय समिति (JPC) से जांच कराने, दोषी चार्टर्ड अकाउंटेंटों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज कर उनके लाइसेंस रद्द करने तथा नियमों के तहत सख्त जुर्माना वसूलने की पुरजोर मांग की है।
कांग्रेस नेता शक्तिसिंह गोहिल ने इन नकली राजनीतिक दलों के कर्ता-धर्ताओ पर तुरंत एफआईआर दर्ज कर आपराधिक मुकदमा चलाने की मांग की है। उन्होंने सरकार पर दबाव बनाते हुए कहा की चुनाव में मिलने वाले चंदे का पूरा हिसाब-किताब देश की जनता के सामने साफ किया जाना चाहिए ताकि पारदर्शिता बानी रहे। इसके साथ ही गोहिल ने सरकार से यह भी पूछा लिया की इन फर्जी पार्टियों को चलाने वाले कितने ऐसे लोग है जो बाद में खुद बीजेपी में शामिल हो गए इसकी भी लिस्ट जारी होनी चाहिए।
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