दीपके की दोटूक: जेल भेजने से नहीं थमेगा युवाओ का गुस्सा, देश के हर कोने में उठेंगे विरोध के सुर

दीपके की दोटूक: जेल भेजने से नहीं थमेगा युवाओ का गुस्सा, देश के हर कोने में उठेंगे विरोध के सुर

नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके के महाराष्ट्र स्थित आवास को उनकी प्रस्तावित प्रेस कॉन्फ्रेंस से ठीक पहले पुलिस ने चारों तरफ से घेर लिया है। मौके पर अचानक सादे कपड़ों में 50 से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती होने से राज्य के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों में सरगर्मी तेज हो गई है।

हालाँकि प्रशासन की तरफ से इस अचानक की गई घेराबंदी की कोई आधिकारिक वजह नहीं बताई गई है, लेकिन माना जा रहा है कि 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ उनके तय विरोध-प्रदर्शन को रोकने के लिए यह प्रशासनिक कदम उठाया गया है।

हालांकि पुलिस प्रशासन की ओर से सुरक्षा बढ़ाने को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। इस कार्रवाई के बीच प्रेस कॉन्फ्रेंस में अभिजीत दीपके ने महाराष्ट्र और चंद्रपुर पुलिस पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके कार्यकर्ताओं को जंतर-मंतर के आंदोलन में शामिल न होने और सोशल मीडिया पर पोस्ट न डालने के लिए नोटिस भेजे जा रहे हैं, जबकि चंद्रपुर पुलिस का जंतर-मंतर से कोई लेना-देना नहीं है।

युवाओं का जन-आंदोलन और बड़े प्रदर्शन की चेतावनी

उन्होंने मुंबई पुलिस द्वारा आदिवासी छात्रों के साथ मारपीट की कड़ी निंदा करते हुए पूछा कि क्या अपराधियों की कमी हो गई है जो छात्रों को पीटा जा रहा है और उन्होंने उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर “योगी बनने की कोशिश” करने का आरोप लगाया।

दीपके ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के तत्काल इस्तीफे और सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो देशभर में जंतर-मंतर खड़े हो जाएंगे और लोगों को गांधीजी को याद कर वहीं बैठकर ‘रघुपति राघव राजाराम’ का जाप शुरू कर देना चाहिए।

इस बीच, कॉकरोच जनता पार्टी के सह-संयोजक सौरव दास ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ ‘इंडिया’ गठबंधन के विरोध प्रदर्शन का स्वागत करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर किसी को अपने अधिकारों के लिए शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाने का अधिकार है।

कि यह किसी एक संगठन का कार्यक्रम नहीं है। उन्होंने इसे देश के युवाओं और ‘जेन-जी’ का एक साझा अभियान बताया है, जिसमें वे खुद भी सिर्फ एक हिस्से के रूप में शामिल हैं। दास ने संकेत दिया कि वोटिंग अधिकारों को लेकर हो रहा यह प्रदर्शन किसी एक बैनर तक सीमित न रहकर एक व्यापक जान-आंदोलन का रूप ले चूका है।


Discover more from

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Sanjana Kumari

संजना कुमारी: रियल-टाइम खबरों पर मजबूत पकड़ रखने वाली डिजिटल कंटेंट क्रिएटर और पत्रकार, जो सामाजिक-राजनीतिक, क्षेत्रीय और सांस्कृतिक घटनाक्रमों को डिजिटल दर्शकों के लिए सटीक व आकर्षक बनाती हैं