छात्रों-युवाओं से पुलिस बर्बरता पर भड़का विपक्ष, सरकार को नसीहत के साथ चेतावनी

छात्रों-युवाओं से पुलिस बर्बरता पर भड़का विपक्ष, सरकार को नसीहत के साथ चेतावनी

नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी के कल संसद मार्च के दौरान हुए पुलिस लाठीचार्ज को लेकर विपक्ष ने सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। बता दें कि कल संसद मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई में कई छात्रों को गंभीर चोटें आई हैं और उनका उपचार चल रहा है। वहीं दिल्ली पुलिस की तरफ से दावा किया गया है कि कल की घटना में 120 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा, “कल जो हुआ, उसके लिए मोदी जी ने माफ़ी तक नहीं मांगी है। युवा शिक्षा और परीक्षा प्रणाली के ख़िलाफ़ विरोध कर रहे हैं। पूरा देश जानता है कि शिक्षा और परीक्षा प्रणाली को दीमक ने खोखला कर दिया है। प्रधानमंत्री चुप क्यों हैं? उन्हें छात्रों से माफ़ी मांगनी चाहिए और उन्हें ये सब बंद करवाना चाहिए।”

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा, “यह वाकई बहुत दुखद स्थिति है। संसद का काम ही चर्चा करना है। हमारे सामने कई ऐसे मुद्दे हैं जो देश और इस राजधानी शहर में बहुत अहम हैं। हमने देखा कि कल क्या हुआ और ऐसे हालात में अगर संसद इन पर चर्चा करने की जगह नहीं है, तो फिर कौन सी जगह है?”

थरूर ने कहा कि मुझे लगता है कि स्पीकर को खुद मामले को अपने हाथ में लेना चाहिए और पूरी स्थिति पर खुली चर्चा बुलाकर संसद में इस गतिरोध को खत्म करना चाहिए। छात्रों का विरोध प्रदर्शन, भूख हड़ताल, लाठीचार्ज, हिंसा – 100 लोग राम मनोहर लोहिया अस्पताल में हैं। आप ऐसे मामले को कैसे नज़रअंदाज़ कर सकते हैं? आप संसद को काम करने से कैसे रोक सकते हैं?

कांग्रेस सांसद ने कहा कि सरकार का यह रवैया बिल्कुल गलत है। मुझे लगता है कि सरकार को अब तुरंत सदन में चर्चा करानी चाहिए। हमारे नेता और विपक्ष बोलने के लिए तैयार हैं।

शशि थरूर ने कहा कि मुझे लगता है कि अब आपको संसद का इस्तेमाल लोकतंत्र के मंच के तौर पर करना चाहिए और देश के सामने देश के ज़रूरी मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए। उन्हें बहुत पहले ही जवाबदेही तय कर देनी चाहिए थी। ज़िम्मेदारी तय करने या कार्रवाई करने के बारे में बात करने के लिए उन्होंने संसद तक का इंतज़ार क्यों किया? ये छात्र इस देश के नागरिक हैं। वे इस देश का भविष्य हैं। उनके साथ ऐसा व्यवहार न करें।

संसद में इस पर चर्चा होनी चाहिए

CJP के विरोध प्रदर्शन पर कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा, “कल बेगुनाह छात्रों के साथ जो ज़्यादती हुई, उसकी निंदा होनी चाहिए और संसद में इस पर चर्चा होनी चाहिए। हम इस मुद्दे को उठाते रहेंगे।”

रोजगार समेत सभी मामलों में सरकार विफल रही है

कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने कहा, “रोजगार समेत सभी मामलों में सरकार विफल रही है। इसी कारण जनता में आक्रोश इतना बढ़ गया है, 1 महीने से छात्र आंदोलन कर रहे हैं लेकिन सरकार मिली ही नहीं।”

हम संसद में फिर से यह मुद्दा उठाएंगे

कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा, “कल राजधानी में केंद्र सरकार का बेरहम और क्रूर रवैया देखने को मिला। क्या छात्रों के शांतिपूर्ण विरोध से निपटने का यही तरीका था? यह सरकार डरी हुई और असंवेदनशील है। हम संसद में फिर से यह मुद्दा उठाएंगे। हमने चर्चा और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए पहले ही एक प्रस्ताव पेश कर दिया है। पूरा देश देख रहा है कि मोदी छात्र-विरोधी और युवा-विरोधी हैं। कल की घटना के लिए वही जिम्मेदार हैं। कल विरोध प्रदर्शन में कितने छात्र शामिल थे? यह एक तानाशाही सरकार है, लोकतांत्रिक सरकार नहीं?”

यह पूर्ण रूप से अव्यवस्था है

AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, “कल जो कुछ हुआ है वह इस सरकार का लगातार एक जैसा व्यवहार है… यह सब इतने दिनों से चल रहा है। आपको पहले से ही बातचीत करनी चाहिए थी। यह पूर्ण रूप से अव्यवस्था है।”

भाजपा अपने साथियों पर इस्तीफे का दबाव नहीं बना पा रही

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, “भाजपा अपने साथियों पर इस्तीफे का दबाव नहीं बना पा रही है ताकि वे लोग दबे और कुचले राज़ न खोलदें। कोई कल्पना नहीं कर सकता है कि आजादी के बाद कोई सरकार इस तरह का व्यवहार युवाओं के साथ करेगी। यह लोकतंत्र में कभी स्वीकार नहीं हो सकता है।”

सरकार का सिस्टम बीमार पड़ गया है

सपा सांसद डिंपल यादव ने कहा, “बच्चे ये बताने चाहते थे कि सरकार का सिस्टम बीमार पड़ गया है और उनके हित के बारे में नहीं सोच रहा है। लेकिन उन बच्चों को लाठियां खानी पड़ी। ये इतनी निर्मम सरकार है और बच्चों ने इतना आंसू बहाए हैं सरकार को इनके आंसुओं पर भी दया नहीं आ रही है। ये शिक्षा मंत्री को अभी भी पद से हटा नहीं रहे हैं..हमें इन्हें वोट के माध्यम से हटाना है एक यही हमारे पास हथियार है।’

छात्रों की बात सुनने के बजाए उनके ऊपर लाठी लार्ज हुआ

सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा, “सबसे बड़ा मुद्दा देश के तमाम युवा जो बेरोजगार हैं पेपर लीक मामले को लेकर लाखों युवा आए थे और उनकी बात सुनी नहीं गई। सुनने के बजाए उनके ऊपर लाठी लार्ज हुआ और एक और मुद्दा है राम मंदिर में चंदा चोरी जिससे देश के करोड़ों-करोड़ों लोगों की भावनाएं आहत हुई है इस मुद्दे पर चर्चा होना चाहिए और जो जिम्मेदार हैं उसको सरकार बचाने का काम कर रही है,मुझे उम्मीद है जो चंदा चोरी में शामिल हैं वो बच नहीं पाएंगे।”

शिक्षा प्रणाली और परीक्षा प्रणाली पर व्यापक चर्चा हो

कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा, “हमारी मांग है कि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें और शिक्षा प्रणाली और परीक्षा प्रणाली पर व्यापक चर्चा हो। दिल्ली पुलिस ने युवाओं की आवाज दबाने का प्रयास किया है। देश इसे बर्दाश्त नहीं करेगा, सिविल ड्रेस में किसी को लाठी चार्ज करने की इजाजत नहीं दी जा सकती है। जब सड़कों पर इस किस्म की चिंगारी हो तो संसद में भी आवाज उठानी पड़ती है।”

पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन जाएंगे केजरीवाल

AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा, “सिर्फ एक छात्र की हालत गंभीर है और उसे यहां भर्ती कराया गया है। सभी घायल छात्रों और पुलिसकर्मियों को छुट्टी दे दी गई है। सोशल मीडिया पर आई खबरों के मुताबिक 110 लोग घायल हुए थे। हमारे पास पक्के आंकड़े नहीं हैं। इसके बाद हम पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन जाएंगे ताकि यह पता चल सके कि कितनी FIR दर्ज की गई हैं और कितने छात्रों को गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में लिया गया है।”

120 पुलिसकर्मी घायल होने का दावा

वहीं पुलिस और CJP प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़प में घायल हुए एडिशनल DCP आनंद कुमार मिश्रा ने कहा, “लगभग 115 से 120 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। कई सीनियर अधिकारी भी घायल हुए और मेरे हाथ में भी चोट आई है। जांच चल रही है और FIR दर्ज की जा रही है। जांच के आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हम अभी इस पहलू की जांच कर रहे हैं; अभी इसकी जानकारी देना सही नहीं होगा।”


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Raja Zaid

"राजा ज़ैद एक जाने-माने पत्रकार हैं। उन्हें देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ राजनीति और सामायिक विषयो की कवरेज का 15 वर्षो से अधिक का अनुभव है।