उद्धव ठाकरे का बड़ा बयान: मुख्य चुनाव आयुक्त को भेजें जेल, बैलेट पेपर से हो दोबारा चुनाव

उद्धव ठाकरे का बड़ा बयान: मुख्य चुनाव आयुक्त को भेजें जेल, बैलेट पेपर से हो दोबारा चुनाव

महाराष्ट्र: शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने चुनाव आयोग के अंदरूनी मतभेदों की खबरों पर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तुरंत हटाने और लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने के आरोप में जेल भेजने की मांग की है।

ठाकरे का कहना है कि महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के हालिया चुनावों को रद्द कर देना चाहिए और इन राज्यों में EVM की जगह बैलेट पेपर के जरिए दोबारा वोटिंग कराई जानी चाहिए।

चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों पर उद्धव ठाकरे ने उठाए सवाल

एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए उद्धव ठाकरे ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की उस रिपोर्ट पर अपनी बात रख रहे थे, जिसमें दावा किया गया है कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान अपनी जानकारी या सहमति के बिना जारी किए गए कई आदेशों और निर्णयों पर बार-बार आपत्तियां दर्ज कराई थीं।

इन विवादित मुद्दों में फॉर्म-छह में किए गए बदलाव और मतदाता सूची के डेटाबेस पर नियंत्रण का केंद्रीकरण शामिल है।

उद्धव ठाकरे ने आंकड़े पेश करते हुए दावा किया कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान पश्चिम बंगाल में 90 लाख और तमिलनाडु में 70 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए।

उन्होंने यह भी कहा कि महाराष्ट्र में 2024 के विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में 45 लाख नए मतदाता जोड़े गए थे, और अब मौजूदा मतदाता सूची में शामिल 40 लाख नागरिकों के नामों पर गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं।

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि ज्ञानेश कुमार ने देश के संविधान का अपमान किया है और लोकतंत्र की हत्या की है, इसलिए उन्हें तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए।

इसके साथ ही, उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ खड़े होने और आंतरिक मामलों का खुलासा करने के लिए चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी के साहस की सराहना करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया।

उद्धव ठाकरे ने चेतावनी दी है कि अगर इस मामले में तुरंत कोई सख्त कानूनी कदम नहीं उठाया गया, तो जनता का चुनाव प्रणाली से भरोसा उठ जाएगा। उनका कहना है कि ऐसे हालात में लोग कानून अपने हाथ में ले सकते है, जिससे देश में अव्यवस्था फैल सकती है।

ठाकरे ने सुप्रीम कोर्ट से इस पूरे मामले पर खुद ध्यान देने की अपील की है और कहा है कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए सभी विपक्षी दलों को एक साथ मिलकर कड़ा रुख अपनाया चाहिए।


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Mehak B